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Life changing story जिंदगी में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी कहानी

नमस्कार दोस्तों आपका बहुत-बहुत स्वागत है THEGOODSECRET.COM में, दोस्तों आज हम आप सभी को कुुछ ऐसा बताने जा रहे हैं जो हम सबकी जिंदगी में बहुत जरूरी है,

Story A

एक 24 साल का लड़का ट्रेन में खिड़की के पास बैठकर बाहर देख रहा था और अपने पिता से कहा कि पापा देखो सारे पेड़ पीछे जा रहे हैं उसके पापा मुस्कुराए, पास में बैठा एक कपल (Couple) सोच ही रहा था कि उस बच्चे ने फिर से कहा अरे पापा देखो यह सारे बादल हमारे साथ जा रहे हैं तब पास में बैठा कपल अपने आप को रोक नहीं पाया और उस बच्चे के पिता से कहा कि आप अपने बच्चों को किसी डॉक्टर को क्यों नहीं दिखाते उस व्यक्ति ने उस कपल की ओर देखा और धीरे से मुस्कुराए और कहा जी हां मैं इसे डॉक्टर के पास से हि ला रहा हूं जब यह पैदा हुआ था तभी से यह ब्लाइंड (Blind) था यह देख नहीं सकता था और आज ही इसे नई आंखें मिली है पास बैठे कपिल की आंखों से आंसुओं की धार बहने लगी और वह खुद पर शर्मिंदा हुए
        इस पृथ्वी पर हर एक इंसान का अपना एक अतीत (Past) है किसी भी व्यक्ति के बारे में जाने बिना उसे Judge मत करो उसके बारे में कुछ मत कहो हो सकता है समय आने पर आप आश्चर्यचकित (Surprise) रह जाएं

Story B

एक बार एक पति पत्नी अपने 5 बच्चों के साथ मेला घूमने गए सभी बच्चे बहुत ही खुशी और बहुत ही मजे में थे यह परिवार बहुत गरीब था और बहुत दिनों के बाद कहीं घूमने जा रहे थे सारा माहौल बच्चों और पेरेंट्स से भरा हुआ था और मेरे में काफी चकाचौंध थी चारों और लाइट झिलमिला रही थी पिता ने कहा तुम सभी यहीं रुको मैं तुम्हारे लिए अंदर जाने की टिकट लेकर आता हूं छोटा बच्चा बोला मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगा पिता ने कहा ठीक है पिता अपने बेटे को गोदी में उठाकर लाइन में लग गए और बेटा उनसे बातें करने लगा और कहने लगा पापा मैं अंदर जाकर यह कहूंगा वह खाऊंगा तब पिता ने कहा बिल्कुल अंदर जाकर हम सब कुछ करेंगे मस्ती करेंगे इंजॉय करेंगे ऑनलाइन आगे बढ़ती गई और फिर उस व्यक्ति का नंबर आ गया उस व्यक्ति ने अपनी जेब में हाथ डाला और उसकी जेब में से ₹300 पड़े हुए थे उस व्यक्ति ने टिकट विक्रेता से कहा कि भाई साहब आप 7 लोगों के लिए टिकट दे दीजिए तब टिकट विक्रेता ने कहा कि ₹350 हो गए यह सुनते ही मानो उसके पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई हो क्योंकि उसके पास सिर्फ ₹300 थे और टिकट ₹350 का था अभी सेकेंड के लिए उसके दिमाग में बहुत सारे सवाल उठने लगे कि मैं अपने परिवार को क्या खिलाऊंगा कहां घुमाऊंगा इतने दिनों के बाद तो हम घूमने आए थे और अब यह क्या हो गया
   तब टिकट विक्रेता ने कहा लाइए भैया पैसा दीजिए पीछे और भी लोग खड़े हैं और इतने में ही पीछे से एक व्यक्ति ने उसकी पीठ थपथपाई और कहा भाई साहब आपके ₹500 नीचे गिर गए हैं उठा लीजिए जब उसने पीछे मुड़कर देखा तो वाकई वहां ₹500 पड़े थे और उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था उसने दो ₹500 उठाए और टिकट कटवाई और आगे चल दिया लेकिन यह पूरा बाकिया पीछे वाले आदमी का बेटा बहुत ही गौर से देख रहा था बेटा छोटा था लेकिन देख रहा था कि किस प्रकार उसके पिता ने अपने पद से ₹500 नीचे गिरा दिया और उस गरीब व्यक्ति की मदद की.
जिंदगी में किसी की मदद करने के लिए अरबपति या अरबपति होने की कोई जरूरत नहीं है हम जहां हैं जिस स्थिति में भी हैं अगर हम किसी के लिए कुछ कर पाए तो वह उसके लिए मदद ही होगी आशा करता हूं आपको यह दोनों बातें समझ में आई होंगी आपको यह दोनों कहानी कैसी लगी कमेंट बॉक्स में कमेंट करके जरूर बताना क्योंकि हम आपकी राय का सम्मान करते हैं जय हिंद !!

अगर आगे बढ़ना है तो कुछ कर पीछे छोड़ दे सारी दुनिया

एक बार की बात है एक छोटे से गांव में एक गुफा थी जहां हर व्यक्ति जाने से डरता था क्योंकि आज तक जो भी व्यक्ति इस गुफा के अंदर गया था मैं कभी लौट कर वापस नहीं आया था करीब 300 या 300 के आसपास व्यक्ति  उस गुफा में गए थे जो कभी लौट कर वापस नहीं आएं गांव वाले उस गुफा से काफी डरते थे एक बार उस गांव में एक नवयुवक व्यक्ति  आया और जब उसको इस बात का पता चला कि कोई भी व्यक्ति उस गुफा में जाता है या उसके आसपास जाता है तो वह लौट कर वापस नहीं आता तो उसे इस बात पर यकीन नहीं हुआ उसने सोचा कि ऐसे मॉर्डन जमाने में ऐसा कैसे हो सकता है उस व्यक्ति ने एक दिन सोचा की मुझे इस बात का पता लगाना ही होगा और उसने सारे गांव वालों को बताया और सारे गांव वाले इकट्ठा हुए पर उस व्यक्ति से कहने लगी कि यदि तुम उस गुफा में जाओगे तो कभी लौट कर वापस नहीं आओगे 300 से अधिक व्यक्ति इस गुफा में जाएं और कभी लौट कर वापस नहीं आए तुम भी उस गुफा में  मत जाओ हो सकता है तुम्हारा भी वही हाल हो जो उन व्यक्तियों का हुआ था और उसे सभी गांव वाले डराने लगे
               लेकिन वह व्यक्ति बहुत ही सकारात्मक सोच का था उसने सोचा कि चाहे कुछ भी हो मैं इस गुफा में जाकर रहूंगा और देखूंगा कि इसमें होता क्या है वह व्यक्ति गुफा की ओर चलने लगा जैसे-जैसे वह व्यक्ति उस गुफा के आसपास पहुंचा तो थोड़ा थोड़ा डर उसे भी लगने लगा था लेकिन वह रुका नहीं वह आगे बढ़ता गया जब बह उस गुफा में पहुंचा तो उसने देखा कि वहां बहुत अंधेरा था उसे थोड़ा डर और लगा लेकिन मैं रूका नहीं आगे की ओर चलने लगा जैसे जैसे वह आगे बढ़ने लगा उसे लगा कि कोई उसका पीछा कर रहा है और जैसे ही अंधेरा बड़ा उसे पीछे से बहुत जोर से धक्का लगा और वह आगे की ओर गिरा और बेहोश हो गया जैसे ही उसकी आंखें खुली तो उसने देखा कि चारों और समृद्धि की चीजें छाई हुई है धन दौलत खुशहाली की सारी चीजें जो भी लगती है वह उपलब्ध है उसे देखकर वह आश्चर्यचकित रह गया उसके चारों और कुछ लोग खड़े थे और वह वही लोग के जो गांव से उससे पहले आए थे तब उस व्यक्ति ने उनसे पूछा कि क्या हुआ मैं यहां कैसे आया तब उन व्यक्तियों से बताया कि जब हम भी यहां पहली बार आए थे तो हम इस समृद्धि को देखकर यहीं पर रुक गए थे
         लेकिन हम यहां किसी को आने नहीं देते क्योंकि यहां लोगों की भीड़ बढ़ गई तो बहुत ही परेशानी हो जाएगी और जो भी व्यक्ति इस गुफा के अंदर आता पहले हम उसे डराने की कोशिश करते अगर वह नहीं डरता तो फिर हम उसे खींचकर अंदर की ओर ले आते हमने तो मैं भी डराने की कोशिश करी लेकिन तुम निडर थे और हम तुम्हें खींचकर यहां ले आए अब तुम भी हमारे साथ अच्छे से अपनी जिंदगी को जियो

जी हां दोस्तों जब भी कुछ हम अपनी जिंदगी में कुछ अच्छा करना चाहती हैं या फिर कुछ बड़ा करने की कोशिश करते हैं तो उन्हीं गांव वालों की तरह कुछ लोग हमारी जिंदगी में आ जाते हैं जो हमें बहुत डराते हैं और हमें अपने लक्ष्य को हासिल करने से रोकते हैं लेकिन हमें उन सब की बातें ना सुनते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए क्योंकि जीत उन्हीं की होती है जिनके हौसलों में जान होती है इसी के साथ जय हिंद !!