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अंतिम संदेश जिसे भूल गए हम | Bhagat singh Azad last massage

अंतिम संदेश जिसे भूल गए हम | Bhagat singh Azad last massage 

मैं भगत सिंह आज आप जैसे चैन की नींद सो पा रहे हैं हम वैसे नहीं सो पाते थे हर रात एक डर होता था कि कहां से कोई गोली चलेगी और हमारी जिंदगी खत्म हो जाएगी, लेकिन जब मैं आपकी उम्र का था तब मैंने एक सपना देखा था हिंदुस्तान को आजादी दिलाने का सपना, शायद आपने मेरी कहानी सुनी होगी लेकिन अब मैं चाहता हूं कि आप इस आजाद हिंदुस्तान को एक नए मुकाम पर ले कर जाएं और इसमें यह आपकी मदद करेगा.
है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर 
और हम तैयार हैं अपना सीना लिए इधर
खून से खेलेंगे होली गर वतन मुश्किल में है 
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

हाथ जिनमें हो जुनून कटते नहीं तलवार से
सर जो उठ जाते हैं वो झुकते नहीं ललकार से
आज भड़केगा जो सोला सा हमारे दिल में है
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

हम तो निकले थे ही घर से बांधकर सर पर कफ़न
जान हथेली पर लिए लो बढ चले है यह कदम
जिंदगी तो अपने मेहमान मौत की महफ़िल में है 
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

दिल में तूफ़ानों की टोली और सीने में इंकलाब
होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रोको ना आज
दूर रह पाए जो हमसे दम कहां मंज़िल में है 
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है.....
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है.....
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है.....


अब भी जिसका खून न खोले खून नहीं वह पानी है
जो देश के काम ना आए वह बेकार जवानी है

आज के लिए इतना ही वंदे मातरम !!

गुस्सा जो हमें कभी आगे बढ़ने नहीं देता

गुस्सा हम सबकी जिंदगी का अभिन्न अंग है जाने अनजाने में हमें कभी ना कभी कहीं ना कहीं गुस्सा आ ही जाता है जब हम लोगों को गुस्सा आता है तब गुस्सा यह नहीं देखता कि यह मां-बाप है, भाई है या बहन है, दोस्त है यह साथी है, जब यह आता है तो सब कुछ बर्बाद कर जाता है. आज मैं आपको लेकर आया हूं कुछ ऐसी ही बातें जिसे पढ़ने के बाद आपको कभी गुस्सा आ ही नहीं सकता और अगर आए तो आप उसे अपने बस में कर लेंगे तो चलिए जान लेते हैं.

माचिस दूसरी चीजों को जलाने से पहले खुद को जलाती है उसी प्रकार गुस्सा दूसरों को नुकसान पहुंचाने से पहले खुद को नुकसान पहुंचाता है इसलिए गुस्सा ना करें
क्रोध एक प्रचंड अग्नि है जो व्यक्ति इसे बस में कर सकता है वह सब बुझा भी सकता है लेकिन जो व्यक्ति इसे बस में नहीं कर सकता वह खुद ही इसमें जल जाता है
क्रोध का मोह हमेशा क्रोधि को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है बजाय उसकी जिस पर वह क्रोधित होता है
क्रोध एक ऐसी स्थिति है जिसमें जीव मन से भी अधिक तेजी से काम करती हैं
क्रोध आने पर चलाने के लिए ताकत नहीं चाहिए बल्कि क्रोध आने पर चुप रहने के लिए बहुत ताकत है
क्रोध में कभी किसी व्यक्ति को जवाब ना दो, ज्यादा खुश हो तो कभी किसी व्यक्ति से वादा ना करो, और जब ज्यादा दुखी हो तो कोई निर्णय ना लो
गुस्से में बोला गया एक कड़वा शब्द आपके हजार मीठी बातों को नष्ट कर सकता है
जिस प्रकार खोलते हुए पानी में कभी भी किसी प्रतिबिंब को नहीं देखा जा सकता उसी प्रकार कभी भी झूठ में सच को नहीं देखा जा सकता
गुस्सा बहुत चतुर होता है हमेशा कमजोर पर ही निकलता है
मनुष्य सुबह से शाम तक इतना नहीं थकता जितना एक क्षण में क्रोध करने से थक जाता है
यदि आप सही हैं तो गुस्सा करने की कोई जरूरत नहीं और यदि आप गलत हैं तो गुस्सा करने का कोई अधिकार नहीं
क्रोध एक ऐसा तेजाब है किस चीज पर डाला जाता है उससे ज्यादा उस पर प्रभाव ज्यादा डालता है जिसमें यह रखा जाता है
हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखी गई यह बातें आपकी जिंदगी में बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होगी आपकी क्या राय है क्रोध के बारे में हमें अपनी राय जरुर क्योंकि हम आपके राय का सम्मान करते हैं धन्यवाद


जिंदगी एक पल है Life is a moment

*जिंदगी एक पल है जिसमें....
ना आज है ना कल है....
जी लो इसको इस तरह कि जो भी आपसे मिले 
वो यही कहे....
बस यही उसकी जिंदगी का सबसे हसीन पल है 
*मुश्किल इस दुनिया में कुछ भी नहीं है 
फिर भी.....
लोग अपने इरादे तोड़ देते हैं
अगर सच्चे दिल से चाहो तो कुछ पाने की 
तो सितारे भी अपनी जगह छोड़ देते हैं
*निगाहों में मंज़िल थी 
गिरे और गिर कर संभलते रहे
हवाओं ने बहुत कोशिश की 
मगर चिराग थे कि आंधियों में भी जलते रहे रहे
*साथ नहीं रहने से रिश्ते नहीं टूटा करते 
वक्त की बूंद से.....
लम्हे नहीं टूटा करते
लोग कहते हैं मेरा ख्वाब टूट गया 
टूटती तो नींद है...
ख्वाब नहीं टूटा करते
*मुश्किलें दिल के इरादे आजमाती है
ख्वाबों के परदे निगाहों से हटाती है
हौसला मत हार गिरकर ऐ मुसाफिर
ठोकरें इंसान को चलना सिखाती है
*जब टूटने लगे हौसले तो बस यह याद रखना
 बिना मेहनत के हासिल तख्तो ताज नहीं होते
ढूंढ़ लेना अंधेरों में मंजिल अपनी 
जुगनू कभी रोशनी के मोहताज नहीं होते
जिंदगी एक पल है जिसमें ना आज है ना कल है...

जब बचपन था तो जवानी एक ख्वाब था | childhood life

जब बचपन था तो जवानी एक ख्वाब था
जब जवान हुए तो बचपन एक जमाना था
जब घर में रहते थे आज़ादी अच्छी लगती थी
आज आजादी है फिर भी घर जाने की जल्दी रहती है
कभी होटल में जाना पिज़्ज़ा बर्गर खाना पसंद था
आज घर पर आना और मां के हाथ का खाना पसंद है
स्कूल में जिनके साथ झगड़ते थे
आज उनको ही इंटरनेट पर तलाशते हैं
खुशी किस में होती है यह पता अब चला है
बचपन क्या था इसका एहसास अब हुआ है
काश तब्दील कर सकते हम जिंदगी के कुछ साल
काश जी सकते हम जिंदगी भरपूर एक बार
जब अपनी शर्ट में हाथ छुपाते थे और लोगों से कहते फिरते थे
देखो मैंने अपने हाथ जादू से गायब कर दिए
जब हमारे पास चार रंगों से लिखने वाली 
एक कलम हुआ करती थी
और हम सब के बटन को एक साथ दबाने की कोशिश किया करते थे
जब हम दरवाजे के पीछे छुपते थे ताकि अगर कोई आए
तो उसे डरा सके
जब आंख बंद करके सोने का ड्रामा करते थे
ताकि कोई हमें गोद में उठा कर बिस्तर तक पहुंचा दें
सोचा करते थे कि यह चांद हमारी साइकिल के पीछे पीछे क्यों चल रहा है
फल के बीज को इस डर से नहीं खाते थे कि कहीं हमारे पेट में पौधा ना उग जाए
जन्मदिन सिर्फ इस वजह से मनाते थे ताकि ढेर सारे तोहफे मिले
फ्रिज धीरे से बंद करके यह जानने की कोशिश करते थे कि उसकी रोशनी कब बंद होती हैं
सच बचपन में सोचते थे हम बड़े क्यों नहीं हो रहे हैं 
और अब सोचते हैं कि हम बड़े क्यों हो गए
जब बचपन था तो जवानी एक ख्वाब था 
जब जवान हुए तो बचपन एक जमाना था