Pain is Power बुद्धि ही सबसे श्रेष्ठ है

Pain is Power बुद्धि ही सबसे श्रेष्ठ है


जिंदगी में संघर्ष प्रतिकूलता और चुनौतियों के मोको पर मनुष्य की बुद्धि और भी ज्यादा निखर जाती है जो लोग ऐसी परिस्थितियों से वंचित हैं बे बुद्धिहीन  रह जाते हैं आइए बुद्धि के जगत में थोड़ा आध्यात्मिक दृष्टि से प्रवेश करते हैं अपनी इंद्रियों के द्वारा विषयों का भोग जो हम करते हैं उसकी स्वीकृति, अस्वीकृति, अनुभूति बुद्धि ही कराती हैं कुछ लोग बुद्धि का उपयोग जिंदगी भर इससे ज्यादा नहीं कर पाते है, इंद्रियों ने विषय भोगा और बुद्धि ने थोड़ी भूमिका निभाई और हो गया जीवन, इंद्रिय सुख भोगती होती हैं इसलिए वह बुद्धि को भी वैसा ही बनाती हैं यदि बुद्धि को संघर्ष से गुजरना पड़े तो वह वैसी ही तीर्व हो जाती हैं जैसे चाकू पर धार की जाती है चाकू पर लोहे के रगड़ से धार आ जाती है यही रगड़ जिंदगी में संघर्ष है इसलिए बुद्धि को संघर्ष और चुनौतियों से बचाएं नहीं जब भी मौका मिले उतार दें आमना सामना करवा दें और यही हम सबसे बड़ी गलती कर देते हैं हम उसे बचा लेते हैं और उसे कठिनाइयों में नहीं जाने देते हैं हम उसे किसी भी परेशानी में नहीं उलझने देते हैं हम सोचते हैं इससे  तो हम परेशान हो जाएंगे लेकिन याद रखिएगा जो जिंदगी में आपकी समस्याएं हैं वह असल में कोई समस्याएं है ही नहीं वह एक अवसर है हमें जिंदगी में आगे बढ़ाने के लिए, और ऊपर ले जाने के लिए, सबसे ऊंचे शिखर पर बैठाने के लिए, यदि हम जिंदगी में इन समस्याओं को हल नहीं कर पाएंगे और इन सब भागेंगे तो हम कभी अपने उस मुकाम पर नहीं पहुंच पाएंगे जहां हम जाना चाहते हैं इसलिए याद रखिए संघर्ष और चुनौती से तेज बुद्धि होती है उससे बचे नहीं उसमें अपने आप को झोंक दीजिए फिर आप दुनिया में हर चीज को अपनी मुट्ठी में कर सकते हैं हर मुकाम हासिल कर सकते हैं क्योंकि आपसे बड़ा कोई नहीं.
Pain is Power बुद्धि ही सबसे श्रेष्ठ है Pain is Power बुद्धि ही सबसे श्रेष्ठ है Reviewed by Shashi kumar on August 10, 2018 Rating: 5

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